Sunday, September 28, 2008

नया रिश्ता

मुद्दतों बाद कल मुलाकात उनसे हो गई ,
बातों ही बातों मे ढेरों बात हो गई ,
बरसों से आँखे थी जिनकी दर्शन की प्यासी -
देख कर उनकों सहज ये आँखे नम हो गई |

साथ में थी नन्ही बच्ची चिपटी मान की गोद में ,
देखकर हमें वो प्यार से 'मामा' कह गई ,
नन्ही के ये शब्द-बाड़ और उनकी मुस्कराहट से ,
हमारी पूरी जिंदगी बस शर्मसार हो गई ,
जिनके लिए मै अब तक बैठा रहा कुंवारा -
आज उनसे ही नए रिश्ते की शुरुआत हो गई |
इस रिश्ते ने जीने सबक सिखा दी तो मगर -
सारे शहर मे ये चर्चा आम हो गई ,
मुद्दतों बाद कल मुलाकात उनसे हो गई |

नया रिश्ता

meri kavita

मासूम मुस्कराहटों पे जा- निसार मत करना ,
दिल के जज्बातों का कभी इजहार मत करना ,
वो जालिम तुम्हे हंसकर गम दे जाएँगे ,
उनसे प्यार पाने का कभी इन्तजार मत करना ,